सौम्यता, दृढ़ता, आत्मीयता का नाम थी सुषमा स्वराज

माथे पर बड़ी सी बिंदी और चेहरे पर एक सौम्य मुस्कान, बातें जो वो कर सकती थीं, बस वो ही कर सकती थीं। जब बोलती थीं, तब लगता था कि बस सुनते जाओ और ऐसे ही बोलो। जी हाँ, ये छवि किसी और की नहीं बल्कि सुषमा स्वराज की ही है। कल रात उन्होंने आखिरी सांस ली। 67 वर्षीय सुषमा स्वराज का तीन साल पहले ही किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। और कल दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। हिन्दी, अंग्रेजी और संस्कृत भाषा में कुशल प्रवक्ता, 9 बार की सांसद सुषमा स्वराज को उनके किए गए कार्यों के लिए हमेशा याद किया जाएगा।

शिक्षा पूरी होने के बाद सुषमा स्वराज सक्रिय राजनीति से जुड़ गईं। सन 2014 में वे भारत की विदेश मंत्री बनने वाली पहली महिला बनीं। उनसे पहले इंदिरा गांधी दो बार कार्यवाहक विदेश मंत्री रह चुकी थीं। प्रखर और ओजस्वी वक्ता, प्रभावी पार्लियामेंटेरियन और कुशल प्रशासक मानी जाने वाली सुषमा स्वराज एकमात्र नेता थीं, जिन्होंने अपनी पार्टी से उत्तर और दक्षिण भारत दोनों क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। वह भारतीय संसद की ऐसी अकेली महिला नेता थीं जिन्हें असाधारण सांसद चुना गया। वह किसी भी राजनीतिक दल की पहली महिला प्रवक्ता भी थीं। इसके अलावा वे दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री भी बनीं। संसद में इनकी बोलने की शैली हिंदी बोलने के लिए प्रेरित करने वाली होती थी। 

सोशल मीडिया लोगों की मदद का माध्यम कैसे बन सकता है? इसकी नीवं सुषमा जी ने विदेश मंत्री रहते हुए रखी। वह सिर्फ एक ट्वीट पर विदेश में फंसे किसी भारतीय की मदद के लिए तुरंत सक्रिय हो जाती थीं। भारतीय मूल के लोगों ने पासपोर्ट गुम होने और विदेश में फंसे भारतीयों के परिजनों ने सुषमा के सामने मदद की गुहार लगाई जिस पर वे हमेशा बढ़-चढ़कर मदद के लिए तत्‍पर रहीं। उनके पास मदद के लिए जो भी पहुंचा, वे उससे इतनी आत्‍मीयता से मिलती थी जैसे वह उनका कोई अपना हो। जैसे गीता, वही गीता जो बोल और सुन नहीं सकती हैं वो 10-11 साल की उम्र में पाकिस्तानी रेंजर्स को मिली थी। सुषमा स्वराज की कोशिशों के बाद 2016 में गीता को भारत लाया जा सका था। गीता के भारत लौटने के बाद सुषमा स्वराज ने उन्हें ‘हिंदुस्तान की बेटी’ कहा था, सुषमा स्वराज गीता के हाथ पीले करना चाहती थीं।

सौम्यता, दृढ़ता, आत्मीयता का नाम थी सुषमा स्वराज। मॉम्सप्रेस्सो उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देता है। 

क्या ऐसीं किसी माँ या पिता को आप जानते है जो कुछ अनोखा कर रहे हैं? क्या आपको लगता है आपके पास ऐसी कोई रोचक या दिलचस्प कहानी हैं, जिसे माँ के लिए खास खबर के अंतर्गत प्रकाशित किया जाना चाहिए? तो जल्दी से हमें इस ईमेल info.readwritee@gmail.com पर लिख भेजें।

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