सहेली की बेटी ही निकली वसंत विहार के ट्रिपल मर्डर केस की आरोपी

वसंत विहार के अपार्टमेंट में बुजुर्ग दंपति की मौत पिछले कई दिनों से अंजाम ना मिलने की वजह से लटकी हुई थी। आखिरकार मर्डर केस का खुलासा हो पाया है। इस ट्रिपल मर्डर को लूट के लिए अंजाम दिया गया था।मास्टरमाइंड मृतक बुजुर्ग महिला की सहेली की बेटी निकली। सहेली की बेटी का नाम प्रीति सहरावत उर्फ मोना है उम्र (42)और उसका साथ दिया उसके लिविंग रिलेशन में मनोज भट्ट उम्र (39‌)।

अपने लिव-इन रिलेशन के पार्टनर की मदद से उसने हत्याएं की,दोनों को गुड़गांव के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही साथ दोनों के पास एक ₹30000 कैश मिल एक डायमंड रिंग मिली गोल्ड की चेन और काफी सारा घर से बटोरा हुआ सामान।

क्राइम ब्रांच के एडिशनल कमिश्नर राजीव रंजन की देखरेख में डीसीपी राजेश देव की अगुवाई से एसपी जसवीर सिं, इंस्पेक्टर नीरज कुमार, रितेश कुमार और विजय समाधिया की एक टीम आरोपियों की खोज में लगी हुई थी। आरोपियों की खोज में सबसे अहम भूमिका निभाई बिल्डिंग के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों ने, पुलिस को सबूत के तौर पर सीसीटीवी कैमरा में दो संदिग्ध लोग स्कूटी में नजर आए।इन लोगों ने रात के समय भी अपना चेहरा ढका हुआ था,मानो वह अपना चेहरा छुपा रहे हो। इसी वजह से पुलिस का इन पर शक और गहरा गया।

कई एंगल पर जांच के बाद मृतक दंपति की बेटी ने पता चला कि 17 जून को कपूरी ताई की लड़की उनके घर आई थी ,और रात भर भी वही थी। इस बीच से पुलिस और क्राइम ब्रांच को अपार्टमेंट में उसी दिन मनोज और प्रीति दिख गए प्रीति ने चुन्नी से और मनोज ने हेलमेट से चेहरा ढका हुआ था। दोनों रात करीब 11:30 बजे वहां पहुंचे।दंपति जब अपने बेडरूम से सोने चले गए तो चाय बना रही नर्स खुशबू को इन दोनों ने कई बार वार कर मौत के घाट उतार दिया। फिर बेडरूम में सो रहे दंपति को भी छुरा घोंप कर मार डाला। तीनों को मौत के घाट उतारने के बाद प्रीति और मनोज ने पूरे घर की छानबीन कर कैश, सोने के जेवरात, डायमंड की रिंग और कीमती सामान बटोरना शुरू कर दिया।पूछताछ के दौरान प्रीति ने यह कबूला है कि उसी ने तीनों का मर्डर किया है,और पहचाने जाने के डर से तीनों को मार डाला।

उसने यह भी कबूला कि उसकी पहली शादी कपिल नाम के शख्स से हुई थी। इससे उसका एक बेटा है और वह पहले पति के पास ही रहा करती थी। प्रीति ने 2000 में निकोलस से शादी की जिससे एक बेटा और बेटी हुए ।बेटा प्रीति के पास जब की बेटी प्रीति के माता-पिता के पास रहा करती थी।डीसीपी राजेश देव ने बताया कि निकोलस 2005 में प्रीति को छोड़कर कनाडा में बस गया। प्रीति एक बार फिर अकेली हो गई और 2016 में उसकी मुलाकात मनोज भट्ट से हुई।दोनों लिविंग रिलेशनशिप में रहने लगे।दोनों ने पीजी का काम किया तो काफी घाटा हो गया। इसीलिए दोनों ने इस ट्रिपल मर्डर केस को अंजाम दिया। फिलहाल दोनों पुलिस रिमांड में हैं।‌

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