भारत की ये जगहें हैं मानसून में मस्ती के लिए बेस्ट

सुहावना मौसम, खूबसूरत नजारे और उसमें दोस्तों का साथ, किसी भी वेकेशन को बना सकते हैं मजेदार। जहां कुछ जगहों की असली खूबसूरती का दीदार सर्दियों में होता है, वहीं कुछ का गर्मियों में और कुछ जगहों पर घूमने का असली मजा मानसून में आता है। भारत में ऐसी एक या दो नहीं, बल्कि कई सारी जगहें हैं। तो आइए जानते हैं जुलाई में कहां जाने की कर सकते हैं प्लानिंग।

अलेप्पी

अलेप्पी को अलप्पुजहा भी कहते हैं, अलेप्पी किसी चित्रकार के कैनवास पर सधे हाथों संग उकेरे गए रंगों से बनी वह तस्वीर की तरह है, जिसे जितना भी निहारा जाए, उतना कम है। यहां नदियां हैं, नहरें हैं, बैकवाटर्स है और 82 किलोमीटर लंबा समुद्री तट है, जो केरल राज्य के कोस्टल लाइन का अकेले 13% है। यह जगह केरल राज्य की तीन बड़ी नदियों- मनीमाला,पम्बा और अचंकोविल के संगम के लिए भी जानी जाती है। 

कहां-कहां जाएं घूमने

अलेप्पी बीच, मरारी बीच, इंटरनेशनल कॉयर म्यूजियम, कुमारकोम बर्ड सेंक्चुअरी, सेंट एंड्रयूज बेसिलिका, सेंच मैरी चर्च

कैसे पहुंचे

यहां तक पहुंचना बहुत मुश्किल नहीं। मरारी बीच मरारीकुलम रेलवे स्टेशन के नजदीक ही है। आप ट्रेन से भी यहां तक पहुंच सकते हैं और अलप्पुजहा से टैक्सी या ऑटो लेकर भी यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।

कोडाइकनाल

तमिलनाडु के कोडाइकनाल को हिल स्टेशनों की राजकुमारी भी कहा जाता है। यह स्थान 2195 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। हरे-भरे जंगल और वन्य जीवन यहां के विशेष आकर्षण है।

कहां-कहां जाएं घूमने

कोडाइकनाल लेक, गुना केव, वाताकनाल फॉल्स, पांबर फॉल्स, पेरूमल पीक, मानावनुर लेक

कैसे पहुंचे

मदुरै एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन दोनों ही यहां तक पहुंचने के नजदीकी रास्ते हैं। इसके अलावा तमिलनाडु राज्य परिवहन की बसें भी यहां तक के लिए चलती हैं।

लोनावला

लोनावला की असली खूबसूरत तो मानसून में ही देखने को मिलती है। पुणे से 64 किमी और मुंबई से 96 किमी का सफर तय करके आप इस खूबसूरत जगह पहुंच सकते हैं। मानसून के दौरान पूरा लोनावला जैसे हरियाली की चादर ओढ़ लेता है। यहां पहाड़ों से गिरते झरनों को देखना उनकी फुंहारों से खेलने का मजा ही अलग होता है। सबसे अच्छी बात है कि लगातार बारिश के बावजूद भी यहां फन और एडवेंचर में किसी तरह की कोई कमी नहीं आती। ट्रैकिंग से लेकर रेपलिंग तक हर एक जगह लोगों की भीड़ एन्जॉय करते नजर आ जाएगी।

कहां-कहां जाएं घूमने

टाइगर प्वाइंट, लॉयन प्वाइंट, कारला गुफा, भाजा गुफा, कुने फॉल्स

कैसे पहुंचे 

मुंबई और पुणे में रहने वालों के लिए लोनावला परफेक्ट वीकेंड डेस्टिनेशन है। मानसून के मौसम में यहां रोड ट्रिप का प्लान करें। फ्लाइट से आ रहे हैं या ट्रेन से, पुणे यहां पहुंचने के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन है।         

महाबलेश्वर

मानसून में रोमांटिक जगह की तलाश कर रहे हैं तो रूख करें महाबलेश्र्वर का। कभी झमाझम बारिश तो कभी मस्ती करती फुहारे, सड़कों पर अपनी धाक जमाए ओस और चारों ओर फैली हरियाली आपको बोर होने का मौका ही नहीं देती। ऊंचे-ऊचे पहाड़, किले, झरने और घाटियों को एक्सप्लोर करने का एडवेंचर ही अलग होता है।

कहां-कहां जाएं घूमने

पावना डैम, वेना लेक, मेप्रो गार्डन, प्रतापगढ़ फोर्ट, लिंगमाला फॉल्स, पारसी प्वाइंट, पंचगनी 

कैसे पहुंचे

महाराष्ट्र का बहुत ही पॉप्युलर वीकेंड डेस्टिनेशन है। पुणे और मुंबई दोनों से ही यहां का रास्ता गुजरता है। पुणे से 120 किमी और मुंबई से 250 किमी की दूरी तय करके आप पहुंच सकते हैं इस खूबसूरत शहर।

वायनाड

वायनाड, खासतौर से मानसून डेस्टिनेशन के तौर पर ही जाना जाता है। केरल में बसी इस जगह की खूबसूरती का अंदाजा फोटोज़ से कहीं बढ़कर है और उसे और ज्यादा खूबसूरत बनाने का काम करते हैं झरने, वाइल्डलाइफ और दूर तक फैले मैदान। यहां हर साल मानसून सीजन में तीन दिनों तक मानसून टूरिज्म फेस्टिवल का भी आयोजन होता है। जिसमें कई तरह के एडवेंचर का आनंद ले सकते हैं। 

कहां-कहां जाएं घूमने

बानसुरा सागर डैम, चेंब्रा पीक, कुरुवा आइलैंड, मुथंगा वाइल्डलाइफ सेंचुरी, इडक्कल गुफा

कैसे पहुंचे

केरल के ज्यादातर शहरों से वायनाड सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। कोझीकोड एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन यहां तक पहुंचने के नजदीकी ऑप्शन्स हैं।

चेरापूंजी, मेघालय

चेरांपूजी, भारत की दूसरी ऐसी जगह है जहां बहुत ज्यादा या यों कहें पूरे साल बारिश होती है। जिसकी वजह से ये जगह बहुत ही साफ-सुथरी और खूबसूरत नज़र आती है। अठखेलियां करते हुए बादलों को, ऊंचे-ऊंचे झरनों को देखना बहुत ही रोमांचकारी होता है। वैसे सिर्फ मानसून में ही नहीं आप साल में कभी भी यहां आएंगे तो मौसम ऐसा ही मिलेगा।

कहां-कहां जाएं घूमने

लीविंग रूट ब्रिज, वाकाबा फॉल्स, थांगखारंग पार्क, माव्समई गुफा

कैसे पहुंचे

चेरापूंजी तक आसानी से सड़कमार्ग तक पहुंचा जा सकता है। गुवाहाटी रेलवे स्टेशन से 150 किमी दूर है और एयरपोर्ट से 170 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है।   

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