राहुल गांधी के जगह अशोक गहलोत हो सकते हैं कांग्रेस के नए अध्यक्ष

2019 की लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद राहुल गांधी पिछले कई हफ्तों से कांग्रेस अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने की जिद पर अड़े हुए हैं। पार्टी नेताओं और सभी कार्यकर्ताओं की तमाम कोशिशों के बाद भी राहुल गांधी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के लिए अड़े हैं।इसी बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता अशोक गहलोत ने बुधवार को राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई देते हुए देश व जनहित में उनसे पार्टी प्रमुख बने रहने का आग्रह किया, लेकिन उनकी तमाम कोशिशें नाकाम होती दिखाई दे रही है।

यही नहीं जल्द ही राहुल गांधी की जगह पार्टी के नए अध्यक्ष अशोक गहलोत ही बनते दिखाई दे रहे है। कांग्रेस ने इस बार अपना कड़ा मन बना लिया है कि वह अशोक गहलोत को ही अपना अध्यक्ष रूप में चुनेंगे। हालांकि इस बात पर अभी कोई अधिकारिक रूप पर पुष्टि नहीं हुई है। यह बात भी अभी साफ नहीं हुई है कि सिर्फ गहलोत अकेले कांग्रेस अध्यक्ष होंगे या 2-3 और नेताओं को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाएगा।लेकिन इतना तो साफ है कि कांग्रेस अध्यक्ष के लिए इस बार गैर गांधी चेहरे को ही चुना जाएगा। ऐसे में अशोक गहलोत एक सबसे बड़े पसंदीदा उम्मीदवार के रूप में सामने आए हैं।
गहलोत को पसंद करने की काफ़ी वजह है जैसे कि अशोक गहलोत 2017 से गुजरात असेंबली चुनाव में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन के लिए कड़ी मेहनत से प्रयास करते आ रहे हैं, वहीं अशोक गहलोत पिछड़ी जाति से आते हैं जिसकी वजह से कांग्रेस को पिछड़ा समुदाय के वोट हासिल करने में आसानी मिलेगी साथ ही साथ गहलोत के सोनिया और राहुल गांधी के साथ बहुत ही बेहतर संबंध है कांग्रेस के अन्य नेताओं से भी उनके समीकरण अच्छे और ठीक हैं।
कांग्रेस को गैर गांधी अध्यक्ष चुना इसलिए पड़ रहा है क्योंकि पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कई बार कांग्रेस को वंशवाद को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया गया है। कांग्रेस की करारी हार का जिम्मेदार कांग्रेस का वंशवाद भी माना जा रहा है। पहले सोनिया गांधी और अब उनके बेटे राहुल गांधी अध्यक्ष बने, इससे पार्टी को बहुत नुकसान हुआ है। राहुल गांधी ने यह भी साफ कर दिया है कि उनकी जगह उनकी बहन प्रियंका गांधी भी नहीं लेगी, इस बार एक गैर गांधी का नेतृत्व की कांग्रेस को बहुत जरूरत है।सूत्रों के अनुसार अशोक गहलोत को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने के बाद राजस्थान की कमान उपमुख्यमंत्री संजीव पायलट को दी जाएगी।

हाल के समय में गहलोत और पायलट गुट के बीच विवाद की कई खबरें आई हैं पार्टी को यह भी लगता है कि अगर पायलट राजस्थान की कमान संभाले तो इन दोनों के बीच की दूरियां काफी कम हो सकती हैं।
देखने की बात यह होगी कि क्या कांग्रेस को सरकार ही चेहरे पर लाभ होगा? अध्यक्ष चेहरे का औपचारिक रूप से ऐलान भी कब होगा?

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