ज़िंदगी में आगे बढ़ने के लिए माफ करना जरूरी है

ऐसा क्यों होता है कभी-कभी हम उस इंसान को माफ कर देते हैं जिसने सबसे ज्यादा हमें दर्द दिया होता है। क्यों हम उसके किए को भूल जाते हैं। क्यों माफ कर दिया, ज़िंदगी में हमें लोगों को माफ करने की क्या जरूरत है… शायद आप भी यही कहेगें। कभी-कभी हम लोगों को उनकी गलतियों के लिए माफ नहीं कर पाते क्योंकि उन्होंने हमें ऐसा दर्द दिया होता है जो हम भूल नहीं पा रहे होते। उसके नाम से, उसकी शक्ल से हमें वो सब याद आ जाता है।

लेकिन क्या आप जानते हैं ज़िंदगी में लोगों को माफ करना बहुत जरूरी है पता है क्यों… क्योंकि ज़िंदगी में आगे बढ़ना जरूरी है। अगर हम हमेशा ये ही सोचते रहेंगे हमारे साथ ज़िंदगी में किसने क्या किया कब किया, क्यों किया तो हम कभी आगे नहीं बढ़ पाएगें और वक्त, हालात के हाथों कैद हो जाएगें।

किसी को माफ करने से हम ज़िंदगी में आगे बढ़ पाते हैं और किसी को माफ करना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि वो कही न कहीं हमारे अंदर भी कड़वाहट भर रहा है, नफरत भर रहा है। हमें उसे माफ करना होगा अपने शुकुन के लिए, अपने लिए, अपने मन की शांति के लिए।

आप जानते है माफ करना क्यों जरूरी है क्योंकि जब हम किसी को माफ नहीं करते हैं तो उसके लिए हम कभी अच्छा नहीं सोचते है। हमेशा उसके लिए गलत ही सोचते हैं, न जाने कितनी ही Negative Energy को हम अपने अंदर इकट्टा करते हैं। और इसी Negative Energy को हमPositive चीज के लिए भी तो इस्तेमाल कर सकते हैं।

हम किसी को माफ क्यों नहीं करते क्योंकि उसने हमें दुख पहुंचाया है, हम दर्द दिया है, हमें घाव दिए हैं। लेकिन उस से भी बड़ी बात ये है कि हम अपने वो घाव को खुद ही भर सकते हैं, हमें किसी की जरूरत नहीं। अब शायद आप ये तो समझ गए होगें कि माफ करना क्यों जरूरी है पर अब सवाल है कि माफ करें कैसे…सबसे पहले आप उस इंसान का नाम याद करना होगा फिर आप सोचगें क्या कभी हमारी वजह से उसको कोई दुख पहुंचा है क्या हमने कभी उसको दर्द दिया है। उसके बाद आपको उन सभी बातों को सोचना है जिस वजह से आपको दर्द पहुंचा, आपको दुख हुआ। सोचेगें वो सभी बाते जिनका वजह से हम उस शक्स को आज तक माफ नहीं कर पाए।

हां, ये सब कुछ बुरा था इसमें की शक नहीं है लेकिन फिर भी आप ये सोचने की कोशिश करेगें इन सब में आपके साथ क्या अच्छा हुआ, क्या सच में इन सब में कुछ भी अच्छा था। और अगर हम सच में सोचने की कोशिश करेंगे तो आपको 100 प्रतिशत कुछ न कुछ अच्छा जरूर मिल जाएगा। और जैसे ही वो अच्छा मिल जाए बस उसी समय आ उस शक्स को माफ कर देगें।

इसका मतलब तो ये ही हुआ न कि ये हमें हमारी ज़िंदगी में अच्छा बताने, दिखाने और सिखाने के लिए आया था। मतलब तो ये हुआ न कि वो खुद बुरा बना हमें कुछ अच्छा बताने के लिए, तो वो गलत नहीं है वो तो बस एक माध्यम, एक जरिया बनके आया था हमारी ज़िदगी में हमें कुछ अच्छा समझने, दिखाने और बताने के लिए। तो बस उस शिकायत को दिल से निकाल दिजिए और उस शक्स को दिल से माफ कर दिजिए।    

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